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महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे करेंगे एक और खेला? उद्धव के सबसे भरोसेमंद छोड़ सकते हैं शिवसेना

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महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे करेंगे एक और खेला? उद्धव के सबसे भरोसेमंद छोड़ सकते हैं शिवसेना


 मुंबई।
  महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शिवसेना सचिव और उनके लंबे समय से भरोसेमंद सहयोगी रहे मिलिंद नार्वेकर सीएम एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है। शिंदे खेमे के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने शनिवार को धुले में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “चंपा सिंह के बाद, अब मिलिंद नार्वेकर भी अपने रास्ते पर हैं।”

शिवसेना में फूट के बाद भी नार्वेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क बनाए रखा है। गणेश उत्सव के दौरान एकनाथ शिंदे नार्वेकर के घर भी गए थे। अब ऐसा पहली बार हुआ है कि शिवसेना के विद्रोही खेमे के किसी नेता ने सार्वजनिक रूप से ऐसी टिप्पणी की है।

पाटिल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “चलो मान लेते हैं कि गुलाबराव पाटिल ने शिंदे खेमे में शामिल होने के लिए 50 करोड़ रुपये लिए, लेकिन चंपा सिंह थापा ने क्या लिया? उन्होंने अपना पूरा जीवन बालासाहेब ठाकरे को समर्पित कर दिया। जिस शख्स ने बालासाहेब की चिता को जलाया, उन्होंने ही उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया। थापा के बाद अब मिलिंद नार्वेकर भी अपने रास्ते पर हैं।” पाटिल ने कहा, “जिस दिन हमें तीर-धनुष चुनाव चिन्ह मिलेगा उन्हें अपने पक्ष में कोई विधायक नहीं मिलेगा।”
 
नार्वेकर कभी शिवसेना के एक शक्तिशाली पदाधिकारी थे। वह पार्टी के टिकटों के वितरण में भी अपनी बात रखते थे। यहां तक ​​कि जब बीजेपी-शिवसेना की प्रदेश में सरकार थी तो वह ठाकरे और फडणवीस के बीच मध्यस्थता भी करते थे। भास्कर जाधव, नारायण राणे, प्रदीप जायसवाल और मोहन रावले जैसे नेताओं ने अलग-अलग समय पर पार्टी के खिलाफ विद्रोह करने का उनके खिलाफ आरोप लगाया था। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सत्ता में आई तो नार्वेकर को दरकिनार कर दिया गया। कहा जाता है कि नार्वेकर ने शिंदे के साथ समझौता किया था। वह ठाकरे की कोर टीम में बिना किसी जिम्मेदारी के बने हुए हैं।

शिवसेना के एक सांसद ने कहा कि ठाकरे काफी समय से नार्वेकर को दरकिनार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि उद्धव ठाकरे द्वारा नार्वेकर को काफी समय से दरकिनार किया जा रहा है, इसमें नया क्या है।” शिवसेना प्रवक्ता मनीष कायंडे ने कहा कि वे एक धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कायंडे ने कहा, “यह और कुछ नहीं बल्कि यह धारणा बनाने की असफल कोशिश है कि पार्टी के कई नेता उनके साथ शामिल हो रहे हैं।”

 

‘यूक्रेन में परमाणु बम गिराने का आ गया वक्त’, रूस की हार से बौखलाए चेचन्या कमांडर, पुतिन से आह्वान

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'यूक्रेन में परमाणु बम गिराने का आ गया वक्त', रूस की हार से बौखलाए चेचन्या कमांडर, पुतिन से आह्वान


मॉस्को
राष्ट्रपति पुतिन के आदेश के बाद रूस ने यूक्रेन के चार राज्यों को अपने देश में मिला लिया है और अब यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात की जाने लगी है। पुतिन पहले ही परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर हरी झंडी दे चुके हैं, वहीं चेचन गणराज्य के नेता रमजान कादिरोव ने कहा है कि, अब रूस को यूक्रेन में परमाणु बम गिरा देनी चाहिए। रमजान कादिरोव रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफी करीबी माने जाते हैं और वो युद्ध के पहले ही दिन से रूस के साथ खड़े हैं। चेचन्या नेता के इस बयान के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गई है और अब आशंका लगाई जा रही है, कि क्या पुतिन अपने दोस्त की बात मानेंगे?
 
परमाणु बम गिराने की मांग
चेचन गणराज्य के नेता, रमजान कादिरोव ने रणनीतिक यूक्रेनी शहर लाइमैन से रूसी सैनिकों के बाहर निकलने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से आह्वान किया है, कि वो यूक्रेन में ‘कम इंटेंसिटी’ के परमाणु हम गिराएं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में रूसी सेना के पैर लगातार उखड़ रहे हैं, जबकि यूक्रेन को लगातार पश्चिमी देशों से समर्थन मिल रहा है, जिसने पुतिन को हार के कगार पर ला खड़ा किया है और चेचन्या नेता पुतिन को मिल रही हार से बौखलाए हुए हैं। चेचन्या नेता ने कहा कि,’मुझे नहीं पता कि, रक्षा मंत्रालय देश के सुप्रीम कमांडर (पुतिन) को क्या रिपोर्ट करता है, लेकिन मेरा मानना है किस हमें और सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिसके तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ घोषित कर देनी चाहिए और कम इंटेंसिटी के परमाणु बम गिराने चाहिए।’ चेचन नेता ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि, ‘हर फैसला अमेरिका या फिर पश्चिमी देशों को देखकर लेने की जरूरत नहीं है।’

 

इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई एयरपोर्ट को मिले ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई एयरपोर्ट को मिले ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


मुंबई

मुंबई एयरपोर्ट को शनिवार रात धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें इंडिगो की फ्लाइट में बम रखे होने की बात कही गई थी। इस ईमेल के आते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों की हलचल बढ़ गई। हालांकि, जब फ्लाइट की जांच की गई तो ऐसा कुछ भी नहीं मिला। ऐसे में यह साफ हो गया कि बम होने का दावा अफवाह भर था। ईमेल में लिखा था कि इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 6045 में बम रखा है। यह फ्लाइट रात में मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली थी। बम की अफवाह के चलते इंडिगो की फ्लाइट को जांच के बाद रात को देरी से छोड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियां अब इसकी जांच में लगी हैं कि ये ईमेल किसने भेजा और इसका क्या मकसद था।

बम की अफवाह के बाद मलेशिया की उड़ान में देरी
गौरतलब है कि दिल्ली से मलेशिया जाने वाली एक उड़ान शुक्रवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बम की झूठी अफवाह के कारण देरी से रवाना हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि मलेशिया एयरलाइंस की एमएच173 उड़ान से दोपहर करीब 1 बजे बम की धमकी के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया, जिसके बाद उन्होंने पूरे विमान की गहन जांच की।

विमान ने 2 घंटे 40 मिनट की देरी के बाद कुआलालंपुर के लिए उड़ान भरी और घटना में शामिल चार यात्रियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। विमान के ओवरहेड केबिन में बैग रखने को लेकर 2 यात्रियों के बीच बहस छिड़ गई। एक यात्री ने दूसरे से पूछा कि उसके बैग में क्या है तो दूसरे ने जवाब में ‘बम’ कहा। पायलट को इसके बारे में सूचित किए जाने के बाद उड़ान को रोक दिया गया। इसके बाद पायलट ने एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रक) को घटना की जानकारी दी।

 

केदारनाथ में हिमस्खलन के बाद भूकंप के झटकों से दहला उत्तराखंड, लोगों में दहशत

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केदारनाथ में हिमस्खलन के बाद भूकंप के झटकों से दहला उत्तराखंड, लोगों में दहशत


देहरादून
 
केदारनाथ में शनिवार को हिमस्खलन के बाद उत्तरकाशी में आज रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत का माहौल देखने काे मिला। भूकंप के झटकों के बाद लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगह पर चले गए। हालांकि, राहत की बात है कि भूकंप की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ है।

केदारनाथ के चौराबाड़ी क्षेत्र में हिमस्खलन (एवलांच) होने का क्रम जारी है। शनिवार को फिर हिमस्खलन हुआ। पिछले नौ दिनों के भीतर यह तीसरी  घटना है। हालांकि हिमालयी क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को सामान्य बताया जा रहा है।  केदारनाथ धाम में मंदिर परिसर से करीब पांच से सात किमी की दूरी पर चौराबाड़ी ग्लेशियर के टूटने की घटनाएं हो रही हैं।

बीती 22 सितंबर को पहली घटना हुई। इस दृश्य को लोगों ने कैमरे में कैद किया। इसके बाद 26 सितंबर को केदारनाथ के इसी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ। अब शनिवार को फिर से बड़ा एवलांच आया जो धुएं के गुब्बार की तरह फैलता दिखाई दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। प्रशासन ने इसे हिमालय क्षेत्र में होने वाली सामान्य घटना बताया है।

 

दुर्ग – हटिया के मध्य द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट पूजा स्पेशल ट्रेन के परिचालन में विस्तार

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दुर्ग - हटिया के मध्य द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट पूजा स्पेशल ट्रेन के परिचालन में विस्तार


रायपुर

त्यौहारो एवं रेल यात्रियो की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुये रेल प्रशासन के द्वारा के लिए दुर्ग -हटिया-दुर्ग के मध्य चल रही 08185 / 08186 हटिया-दुर्ग-हटिया द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट पूजा स्पेशल की सुविधा 28 सितम्बर तक चल रही है, इस गाड़ी के परिचालन  27 जनवरी, 2023 तक विस्तार किया जा रहा है।

यह गाड़ी दुर्ग से हटिया के लिये प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को 5 अक्टूबर से 27 जनवरी, तक 08186 नंबर के साथ चलेगी। इसी प्रकार विपरीत दिशा मे भी यह ट्रेन हटिया से दुर्ग के लिए प्रत्येक मंगलवार एवं गुरुवार को 4 अक्टूबर से 26 जनवरी तक 08185 नंबर के साथ चलेगी। इस गाड़ी में 2 एसएलआर, 5 सामान्य, 1 एसी टू एवं 4 स्लीपर सहित कुल 12 कोच रहेगे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, दुनिया से की हिंसा से दूर रहने की अपील

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, दुनिया से की हिंसा से दूर रहने की अपील


न्यूयॉर्क
पूरी दुनिया आज महात्मा गांधी की 153वीं जयंती के मौके पर उन्हें और उनके जीवन सिद्धांतो को याद कर रहा है और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रविवार को लोगों से महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करते हुए किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया है। पूरी दुनिया में महात्मा गांधी के जन्मदिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस वक्त जब दुनिया लगातार युद्धों में घिरी हुई है और परमाणु जंग होने तक की नौबत आ चुकी है, उस वक्त बापू के सिद्धांतों पर चलना और भी जरूरी हो जाता है।

बापू को यूएन प्रमुख ने किया याद
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर हम महात्मा गांधी के जन्मदिन को उनके दिए गये शांति, अहिंसा और सम्मन के सिद्धांतो के साथ जश्न मना रहे हैं। हम इन मूल्यों को अपनाने और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए संस्कृतियों और सीमाओं के पार काम करके आज की चुनौतियों को हरा सकते हैं।” मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें गांधीजी के नाम से जाना जाता है, और भारत में जिन्हें प्यार से बापू कहा जाता है, वो भारत के एक महान नेता होने के साथ साथ वो अंतर्राष्ट्रीय शांति के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर माने जाते हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। इस दिन को राष्ट्रपिता के मूल्यों, सिद्धांतों और दर्शन को याद कर उनका जन्मदिन हर साल बहुत खुशी के साथ मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस
जून 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी और मोहनदास करमचंद गांधी भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसा आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने कानून का अध्ययन किया था और पहली बार प्रैक्टिस करने के लिए दक्षिण अफ्रीका गये हुए थे। वहां उन्हें नस्लीय हिंसा का सामना करना पड़ा और उन्होंने नस्लीय भेदभाव के खिलाफ लड़ाई की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका से ही शुरू की थी। भारत लौटने के बाद बापू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और जातिगत भेदभाव के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने किसानों, मजदूरों और किसानों के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानों का भी नेतृत्व किया। गांधी की मृत्यु के 21 साल बाद ग्रेट ब्रिटेन ने उन्हें सम्मानित करने के लिए एक डाक टिकट जारी किया था। गांधीजी को कभी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला, लेकिन उन्हें 5 बार नामांकित किया गया। साल 1930 में ‘टाइम पर्सन ऑफ द ईयर’ की उपाधि से सम्मानित होने वाले महात्मा गांधी पहले और एकमात्र भारतीय रहे हैं। वहीं, दलाई लामा, नेल्सन मंडेला और जॉन लेनन जैसे कई विश्व नेता महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
वहीं, महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचे। राजघाट पहुंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को याद किया और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी राजघाट पहुंचे ते और उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी थी। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मां रानी की आराधना मैं लीन भक्त

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मां रानी की आराधना मैं लीन भक्त


मंडला
महा आरती काआयोजन सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति थाना परिसर टिकरिया में प्रत्येक वर्ष अनुसार इस वर्ष श्री माता रानी जी के दरबार मैं  सोमवार अष्टमी के पावन अवसर पर शाम 7:00 बजे से माता रानी जी के दरबार में महा आरती का आयोजन किया जा रहा है आप सभी से निवेदन है कि महा आरती में सम्मिलित होकर लाभ अर्जित करें और अपना जीवन सफल बनाएं थाना परिसर टिकरिया में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के द्वारा कई वर्षों से मां जगत जननी की प्रतिमा थाना परिसर टिकरिया मैं विराजमान रहती हूं जिसमें थाना परिसर थाना टिकरिया का विशेष योगदान एवं सहयोग रहता है जिसमें ग्राम टिकरिया के युवा साथियों का भी लगातार मां जगत जननी माता के स्थान में ग्राम वासियों का भी विशेष योगदान रहता है जिसमें सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति थाना परिसर टिकरिया मैं ग्राम के नवयुवको के द्वारा थाना परिसर टिकरिया मैं मां जगत जननी माता की प्रतिमा रखी गई है जिसमें हमारे क्षेत्र एवं ग्राम वासियों एवं दुर्गा उत्सव समिति के सभी सदस्यों मैं मां जगत जननी माता की सेवा करते हैं और बड़े धूमधाम से आज पंचमी मैं श्रंगार सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति थाना परिसर टिकरिया के सभी सदस्यों के द्वारा मां जगत जननी मां को सिंगार चढ़ाया गया जिसमें ग्रामवासी एवं थाना परिसर के सभी भक्तगण मां जगत जननी की भक्ति में लीन रहते हैं जिसमें थाना परिसर मैं हमारे पंडित जी एवं पंडो का 9 दिन तक मां जगत जननी माता की सेवा में लीन रहते हैं जिसमें पंडा राजेश सिंगरोरे सोनू वरकडे रामचंद्र यादव सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति थाना परिसर टिकरिया के हमारे सम्मानीय अध्यक्ष प्यारे लाल यादव बंटू सिंगरौरे एवं उपाध्यक्ष आदित्य कोषाध्यक्ष राजा सिंगरौरे संचालक थाना परिसर टिकरिया समस्त स्टाफ नीरज निरंकार अनिल अहिरवार सोनू पटवा बुद्धसेन बलराम परते बल्लू यादव रघुवीर मार्गो सखन मराबी बलिराम पटेल अननी रजक पंचम पंचम मुरली दुखु वर्मन विक्की सचिव संतोष प्रशांत कमल लाल सिंह शानू शर्मा हमारे सभी सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों द्वारा समस्त क्षेत्रवासी एवं ग्राम वासियों को हार्दिक हार्दिक अभिनंदन एवं वंदन थाना परिषद टिकरिया आपका स्वागत करता है जिसमें हमारे सभी सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति थाना परिषद टिकरिया हार्दिक अभिनंदन करती हे।

पाकिस्तान का नया पैंतरा, कश्मीर में अफगान आतंकियों की घुसपैठ की फिराक में ISI

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पाकिस्तान का नया पैंतरा, कश्मीर में अफगान आतंकियों की घुसपैठ की फिराक में ISI


 नई दिल्ली।
 
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की चुनौती कम नहीं हो रही है। सुरक्षा बलों की आंतरिक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि आईएसआई लगातार घाटी में आतंकी घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। खासतौर पर अफगान आतंकियों को घाटी में भेजने की कोशिश की जा रही है ताकि अगर कोई बड़ा हमला हो तो पाकिस्तान खुद जिम्मेदारी लेने से बच सके। सुरक्षा बल से जुड़े सूत्रों ने कहा कि घाटी में स्थानीय और विदेशी आतंकियो की एक निश्चित संख्या बनी हुई है। यह जैसे ही 200 से नीचे जाती है, पाकिस्तान की तरफ से किसी भी तरह से घाटी में घुसपैठ कराने की कोशिश होती है। स्थानीय और विदेशी आतंकियों की अलग अलग संख्या की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

सूत्रों ने कहा कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन हुआ है, घाटी में अफगान आतंकियों को भेजने की लगातार कोशिशें पाक खुफिया एजेंसी कर रही हैं। कई बार सीमा पार अफगान आतंकियों की हलचल देखी गई है। हालांकि, अभी तक उनकी कोशिशें बहुत कामयाब नहीं रही हैं। फिर भी एजेंसियां इसे अपने लिए बड़ी चुनौती मानकर काउंटर रणनीति पर काम कर रही हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि हम सटीक नंबर नहीं बता सकते लेकिन अफगानिस्तान के घटनाक्रम के बाद विदेशी आतंकियों की संख्या बढ़ी है। घाटी में कितने अफगान आतंकी मौजूद हैं इसपर भी एजेंसियों ने कोई जानकारी नहीं दी है। पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा विस्फोटक भेजने को भी आंतरिक रिपोर्ट में बड़ी चुनौती माना गया है। पाकिस्तान से सटे सीमांत इलाकों में सुरंगें भी घाटी में बड़ी चुनौती हैं। सुरक्षा बलों का मानना है कि सुरंग का इस्तेमाल सीमा पार से हथियार और मादक पदार्थों को भेजने के लिए भी किया जाता है। एक अधिकारी ने कहा, ‘ड्रोन के जरिए जिस तरह हथियारों और मादक पदार्थो की खेप आने का सिलसिला कायम है, वह बड़ी चुनौती है।’

 

शिंदे कैंप के सांसद को IT पैनल का चीफ बनाने की तैयारी, शशि थरूर के हटने से बना रास्ता

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शिंदे कैंप के सांसद को IT पैनल का चीफ बनाने की तैयारी, शशि थरूर के हटने से बना रास्ता


 नई दिल्ली
लोकसभा और राज्यसभा दोनों की स्टैंडिंग कमेटी का आने वाले दिनों में फिर से गठन हो सकता है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हाथ से कई कमेटियां छिनने वाली हैं, जहां उसके नेता चेयरमैन हैं। इसमें कम्युनिकेशन एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए स्टैंडिंग कमेटी भी शामिल है, जिसके अध्यक्ष लोकसभा सांसद शशि थरूर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कमेटी की अध्यक्षता अब एनडीए के नए पार्टनर शिवसेना के शिंदे गुट के पास जा सकती है। शिवसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने सांसद प्रतापराव जाधव का नाम इसके लिए आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी को आईटी कमेटी की अध्यक्षता ऑफर की गई है। हमने इसके लिए जाधव के नाम पर मुहर लगाई है।’

ठाकरे से बगावत करने वालों में शामिल जाधव
प्रतापराव जाधव महाराष्ट्र की बुलढाना लोकसभा सीट से सांसद हैं। जाधव शिवसेना के उन सांसदों में शामिल हैं, जो उद्धव ठाकरे से बगावत करके एकनाथ शिंदे कैंप में चले गए। मालूम हो कि कार्ति चिदंबरम, जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है, जिसमें आईटी पैनल के अध्यक्ष के रूप में थरूर का कार्यकाल जारी रखने की मांग की गई है।

थरूर को लेकर भाजपा में पहले से आपत्ति
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के लिए स्थायी समिति सत्तारूढ़ भाजपा सांसदों और अध्यक्ष थरूर के नेतृत्व वाले विपक्षी सांसदों के बीच विवाद का केंद्र रही है। आईटी पैनल के सदस्य निशिकांत दुबे ने कई मौकों पर थरूर को हटाने की मांग रखी है। इसके लिए उन्होंने थरूर पर पार्टी संचालित एजेंडे के तहत काम करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव भी लाए गए। सितंबर 2019 में तिरुवनंतपुरम के लोकसभा सांसद शशि थरूर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।

 

पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी से सेवानिवृत्त ईडी पारधी की भावभीनी विदाई

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पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी से सेवानिवृत्त ईडी पारधी की भावभीनी विदाई


रायपुर

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए श्री पी.सी. पारधी को कंपनी मुख्यालय में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की एम.डी. श्रीमती उज्जवला बघेल ने उन्हें प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पारेषण के मामले में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य के रूप में परिलक्षित हो रहा है। इसका श्रेय दीर्घ अनुभवी अभियंताओं के बहुमूल्य योगदान को जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यपालक निदेशक सर्वश्री एम.एस.चौहान, के.एस.मनोठिया, आई.एल. देवांगन, कैलाश नारनवरे, आर.के. शुक्ला, धर्मेन्द्र चावडा एवं मुख्य अभियंता सर्वश्री ए.के. वर्मा, संदीप गुप्ता, केएस रामकृष्णा एवं महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री के.के. भौरासे ने सेवानिवृत्त ईडी सर का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विदाई कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कार्यपालक निदेशक श्री पारधी ने अपनी सेवायात्रा के दौरान प्रबंधन, अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टीमवर्क के माध्यम से किसी भी कार्य को करने में हम अवश्य सफल होते हैं। अपनी जीत से ज्यादा, अपनों की जीत में खुशी मिलती है। सबसे आगे चलने में बहादुरी नहीं, अपितु सबके साथ चलने में है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने सेवानिवृत्त ईडी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

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